Ek samajshashtriy adhyayan : agra shahar ke drushtibashtit chatro ka sashaktikaran
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Resumen
िर्तमान अध्ययन जशक्षा के माध्यम से आगरा शहर के दृजिबाजधर् छात्रों के सशजिकरण को समझने और उनका जिश्लेषण करने के जलए जकया गया ह। अध्ययन के
उद्देश्य को पूरा करने के जलए कुल 200 दृजिबाजधर् छात्रों को चुना गया ह । इन उत्तरर्दार्ाओ ं से डेटा अधत-संरजचर् साक्षात्कार अनसु चू ी के माध्यम से एकत्र जकया गया था
माध्यजमक िानकारी जिजभन्न स्रोर्ों ि।से पस्ु र्कों, पजत्रकाओ,ं पजत्रकाओ,ं ररपोटों, समाचार पत्रों, इटं रनेट आजर्द से प्राप्त की गई थी जनष्कषत से यह पर्ा चलर्ा ह । जक उजचर्
अिसर, समथतन और प्रोत्साहन को र्देखर्े हुए, दृश्य हाजन से उत्पन्न जिकलांगर्ा को र्दूर जकया िा सकर्ा ह। िो चीि इसे र्दुगतम बनार्ी ह।, िह ह। दृजिहीनों के प्रजर् सही दृजिकोण
और दृजिकोण का अभाि दृजिबाजधर् समाि को दृजिबाजधर् लोगों को करुणा, र्दया और र्दान की दृजि से र्देखने के अपने सजर्दयों पुराने पारंपररक दृजिकोण को त्याग र्देना चाजहए
और दृजिबाजधर् लोगों को समाि के असहाय और बेकार सर्दस्य के रूप में मानना बंर्द कर र्देना चाजहए जिकलांग लोगों के सशजिकरण से न के िल उन्हें लाभ होगा, बजकक
उनकी प्रजर्भा का उपयोग करके समाि को भी मिबूर्ी जमलेगी और लोकर्ंत्र को मिबूर् और अजधक िीिंर् बनाएगा